क्या अमेरिका, ईरान पर कभी भी हमला बोल सकता है? अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ताजा बयान से यह कयास फिर से उठने शुरू हो गए हैं। ट्रंप ने एक दिन पहले ही ईरान को धमकी दी है। हालाकि, ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान के साथ युद्ध खत्म करने के लिए एक सुंदर, बड़ा और खूबसूरत समझौते की संभावना है। गौरतलब है कि अमेरिका और ईरान के बीच करीब आठ महीने से युद्ध चल रहा है। ट्रंप, शनिवार की सुबह फ्लोरिडा में मध्यावधि चुनावों में अपना मतदान करने के बाद रिपोर्टर्स से बातचीत कर रहे थे। इस दौरान उनसे पूछा गया कि क्या अमेरिका ईरान पर संभावित हमला करेगा। उन्होंने जवाब दिया कि क्या आपको सच में लगता है कि मैं आपको यह बताऊंगा?
रिपोर्टर के सवाल पर क्या कहा
हालांकि रिपोर्टर अपने सवाल से पीछे नहीं हट रहे थे। ट्रंप ने इस सवाल को मूर्खतापूर्ण भी कहा। लेकिन उन्होंने आगे यह भी कहा कि हो सकता है अमेरिका कल ही ईरान पर हमला कर दे। हालांकि उन्होंने दोनों देशों के बीच डील की भी संभावना जताई। लेकिन सवाल उठाया कि क्या ईरान इस तरह की डील पर राजी होगा।
ईरान का क्या जवाब
उधर ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालीबाफ ने चेतावनी दी है कि देश की क्षेत्रीय अखंडता का किसी भी तरह का उल्लंघन किए जाने पर दुश्मन की कल्पना से परे करारा जवाब दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया है कि पूर्ण युद्ध या हत्याओं की धमकियां देश को उसके अधिकारों और हितों से पीछे हटने पर मजबूर नहीं कर सकतीं हैं। संसद सत्र की शुरुआत करते हुए गालीबाफ ने कहा कि हम डरने वाले नहीं हैं और अपने महान ईरान की क्षेत्रीय अखंडता के किसी भी उल्लंघन का दुश्मन की कल्पना से परे जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
गालीबाफ ने कहा कि पूर्ण पैमाने पर युद्ध या हत्या की धमकियां ईरानी लोगों को पीछे हटने पर मजबूर नहीं करेंगी, जो अमेरिका और उसके सहयोगियों के दबाव के आगे झुकने से ईरान के इनकार का स्पष्ट संकेत देता है। उन्होंने कहा कि पूर्ण युद्ध या हत्या की धमकियां ईरानी राष्ट्र को अपने अधिकारों और हितों से पीछे हटने के लिए बाध्य नहीं करेंगी।
गालीबाफ ने अमेरिका पर आरोप लगाया कि वह अपनी गलतफहमियों और ईरान के खिलाफ उकसावे वाले युद्ध के जरिए खुद के पैदा किए गए संकट में फंस गया है। उन्होंने तर्क दिया कि ईरान के बजाय अब अमेरिका को खुद को इस स्थिति से बाहर निकालने के लिए कदम उठाने की जरूरत है।

