Thursday, 29 October 2026

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- धर्म-समाज

‘कन्नड़ उम्मीदवारों को नजरअंदाज न करें, वरना…’, बेंगलुरु की IT कंपनियों को CM डीके शिवकुमार की चेतावनी

To mark the first UK show of artist Herni Brande, developers ThemesCamp and German studio schultzschultz have created the Ledge Wooden at Berlin city.

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार (DK Shivkumar) ने चेतावनी दी है कि अगर कोई IT कंपनी नौकरी के मौकों में जानबूझकर कन्नड़ भाषियों को नजरअंदाज करती है, तो राज्य सरकार उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी।

रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में शिवकुमार ने कहा कि सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और वह कन्नड़ भाषियों के अधिकारों, सम्मान और रोजगार के अवसरों की अनदेखी नहीं होने देगी।

कन्नड़ भाषियों के अधिकारों, अनदेखी नहीं होने देंगे- शिवकुमार

शिवकुमार ने लिखा, ‘यह सुनकर बहुत दुख होता है कि बेंगलुरु की IT कंपनियों में कन्नड़ भाषियों को नौकरी के मौके से वंचित रखा जा रहा है। सरकार ने स्थानीय कन्नड़ भाषियों को दरकिनार किए जाने के मुद्दे को गंभीरता से लिया है। स्थानीय हितों की रक्षा करने की राज्य की प्रतिबद्धता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि कर्नाटक में, कन्नड़ भाषी ही सर्वोपरि हैं। सरकार किसी भी कारण से कन्नड़ भाषियों के अधिकारों, सम्मान और अवसरों की अनदेखी नहीं होने देगी।’

कन्नड़ भाषी उम्मीदवारों के साथ भेदभाव के खिलाफ कार्रवाई- शिवकुमार

शिवकुमार ने बेंगलुरु के एक वैश्विक प्रौद्योगिकी केंद्र होने का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य को अपने स्थानीय कार्यबल की क्षमताओं और प्रतिभा पर गर्व है। उन्होंने चेतावनी दी कि जो कंपनियां जानबूझकर कन्नड़ भाषी उम्मीदवारों के साथ भेदभाव करती पाई जाएंगी, उनके खिलाफ सरकारी कार्रवाई की जा सकती है।

सरकार का रुख दोहराते हुए शिवकुमार ने आगे कहा कि कन्नड़ भाषियों के हितों की आवाज बनने के नाते, सरकार उनकी चिंताओं को दूर करने के लिए हमेशा प्रतिबद्ध है।

यह चेतावनी तब आई है, जब सोशल मीडिया पर एक युवती का वीडियो वायरल हुआ, जिसमें उसने कन्नड़ भाषियों के साथ भेदभाव का आरोप लगाया है। वीडियो में युवती का दावा है कि IT कंपनियां तेलुगु और तमिल बोलने वालों के प्राथमिकता देती है, जबकि जिन उम्मीदवारों के रिज्यूमे में कन्नड़ भाषा का उल्लेख होता है, उन्हें कथित तौर पर खारिज कर दिया जाता है।